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मध्यप्रदेश में 5 अक्तूबर से ट्रांसपोर्टरों की हुई सबसे बड़ी हड़ताल

By Kunal Mishra
Date: Oct 05 , 2019

भोपाल में ट्रक ऑपरेटरों की स्ट्राइक शनिवार को ही शुरू हो गई थी। इस कारण करोड़ों की ऑनलाइन डिलीवरी रद्द हो चुकी है।

मध्यप्रदेश के ट्रक चालक और ट्रांसपोर्टर्स 5 अक्तूबर से ही अचानक हड़ताल पर चले गए हैं। इससे 1.50 लाख ट्रकों की आवाजाही में रूक चुकी है।
बता दें कि इस हड़ताल की मुख्य वजह परिवहन विभाग (Transport department) के द्वारा नई एंव पुरानी गाड़ियों पर की गई आजीविक शुल्क है। हड़ताल पर जाने का यह निर्णय ट्रक्स के मालिकों द्वारा लिया गया है।

ट्रांसपोर्टस की यह भी मांग है कि सरकार द्वारा लगाए गए पेट्रोल और डीजल पर 5 प्रतीशत वैट भी वापस ले लिया जाए। सरकार की तरफ से अभी तक ट्रांसपोर्टरों के लिए उनके फेवर में कोई भी बात नहीं कही है। सरकार की तरफ से को संतोषजनक उत्तर न आने पर सारे ट्रांसपोर्टर्स लाल घाटी के स्वागत गार्डन में इकक्ठा होकर उन्होंने आपस में सामूहिक सलाह से हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। गार्डन में फैसला लेने के लिए ट्रक, टैंकर और ट्रांसपोर्ट के सभी लोग मौजूद थे।

पहले दिन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, देवास, महू और धार में 25 करोड़ रुपये से अधिक के सामानों की डिलीवरी प्रभावित हुई है।


खबरों के मुताबिक यह माना जा रहा है कि ऑनलाइन सामान 18% GST के दायरे में ही आते हैं, जिसकी वजह से राज्य को काफी नुकसान हो सकता है।

भोपाल के श्री ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक मालपानी (Ashok Malpani) ने बताया कि ट्रक और टैंकर संचालक नए और पुराने दोनों वाहनों पर लाइफटाइम रोड़ टैक्स में व्रद्धी होने का विरोध कर रहे हैं, डीजल पर वैट में बढ़ोतरी और आरटीओ चेक-पोस्टों पर जबरन वसूली भी कर रहे हैं।

बता दें कि रविवार को हड़ताल और भी तेज होने की संभावना है, क्योंकि इसमें ट्रक संचालक भी शामिल हो चुके हैं। माना यह भी जा रहा है कि इससे ईंधन की समस्या भी पैदा हो सकती है। हालांकि, सब्जियों और दवाइयों जैसी जरूरी चीजें बाहर रखे होने की वजह से इन्हें कोई खास प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।

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